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व्यक्तित्व का विकास / Vyaktitv Ka Vikas [AD0004]
by स्वामी विवेकानंद / Swami Vivekanand
Non-FictionPhilosophySelf Help
ISBN: 978-8-1928141-4-8
Available
Description
वास्तविक 'व्यक्तित्व' किसे कहते हैं, इस विषय पर लोग काफी अनभिज्ञ हैं | वह नहीं जानते कि व्यक्तित्व के विकास का संबंध हमारी मूल चेतना अथवा हमारे 'अहं' से है | अतः व्यक्तित्व के विकास के नाम पर केवल बाहरी, दिखावटी रूप पर ही बल दिया जाता है | व्यक्तित्व का विकास में इसी विषय पर स्वामी विवेकानन्द के उपयुक्त विचार प्रस्तुत किए गए हैं |